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राज्य में मछली खेती में हाल के वर्षो में कई गुणा वृद्धि हुई है। राज्य में उपलब्ध 80ः से अधिक गांवो के तालाब मछली पालन के अन्र्तगत आते है मत्स्य पालन के लिये गांव के तालाबो को पट्े पर देने से ग्राम पंचायतों के प्रति वर्ष 125 करोड से अधिक की आप हो रही है। इसके अतिरिक्त मत्स्य किसानो द्वारा अपनी जमीन में 2500 से अधिक ईकाइयां बनाई गई है। मत्स्य की औसत उत्पादकता राष्ट्रीय स्तर के 2900 किलो ग्राम के मुकाबले 7000 किलोग्राम प्रति हैक्टेयर है हरियाणा देश में प्रति हैक्टेयर मत्स्य उत्पादन में दूसरे स्ंथान पर है मत्स्य किसानो को पैकिंग और अग्रेषण पर अतिरिक्त व्यय उठाकर अपने उत्पाद को बिक्री हेतू पडोसी राज्यों तथा दिल्ली की मण्डी में भेजना पडता है।यह मुख्य रूप से तथ्य के कारण है कि मछली के विपणन के समर्थन में आन्तरिक मत्स्य विपणन बुनियादी ढांचा पर्याप्त नहीं है।इसलिये राज्य में बाद के फसल अब संरचना (आन्तरिक बुनियादी ढांचा) को मजबूत कटना अति आवश्यक हो गया है ताकि किसानों को लाभकारी कीमत मिल सके।

मछली उत्पादकों को विपणन सहायता प्रदान करने के लिए विभाग ने फरीदाबाद, पानीपत और यमुना नगर, बहादुरगढ़ में 4 मछली बाजार स्थापित किए हैं। इन चारों मत्स्य मंडियों के अधीक्षण एवं पर्यवेक्षण का कार्य हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड को दिया गया है। इन बाजारों में वाहनों का प्रावधान है जो मछली किसानों को उनकी उपज को तालाब स्थल से बाजारों तक रियायती दरों पर परिवहन के लिए प्रदान किया जाता है। राज्य में विपणन के बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने के लिए, थोक मछली बाजार, गुड़गांव के अत्याधुनिक 1 नए मछली बाजार स्थापित किए जाएंगे।

केन्द्रीय प्रयोजित योजना के तहत, बाद के फसल बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, राज्य में विपणन बुनियादी ढांचे को स्थापित करने के लिये भारत सरकार सरकारी उपक्रमों एन जी ओ/सहकारिता/संयुक्त क्षेत्र/सहायता प्राप्त क्षेत्र/निजी क्षेत्र को सहायता प्रदान करती है। योजना की वित्तयोषण पद्धति इस प्रकार है :-

  1. सरकारी उपक्रमों/निगम/एंव को 100 प्रतिशत अनुदान (ग्रांट) (एक करोड़ तक सीमित)।
  2. एन जी ओ/ सहकारिता/संयुक्त क्षेत्र में 50 प्रतिशत अनुदान (ग्रांट) (0.50 करोड़ तक सीमित)।
  3. सहायक क्षेत्र/निजी क्षेत्र में 25 प्रतिशत अनुदान (0.25 करोड़ तक सीमित)

 

इस केन्द्र प्रयोजित योजना के तहत निम्नलिखित बुनियादी ढांचे का निर्माण किया :-

  • विपणन के बुनियादी ढांचे का विकास करना जैसे खुदरा बिक्री खोखे, एक्वा दुकाने, अछूता/प्रशीतित वाहन, छोटे ट्रक, आइस बाॅक्स के साथ आटो रिक्शा, बर्फ के बक्से के साथ मोटर साइकिल/साइकले, मछली प्रदर्शन कैबिनेट, विजी कुलर, वजन करने वाली तराजू, कम्प्यूटर इकाई और संबद्ध उपकरण।
  • कोई भी गैर सरकारी संगठन/सहकारी समिति या निजी क्षेत्र जो मत्स्य मण्डियां स्थापित करना चाहते है वित्तिय सहायता के लिये नजदीकी मत्स्य पालन विभाग के कार्यालय से सम्पर्क कर सकते है।

 

मछली के विपणन के लिए प्रदर्शन डाउनलोड करें